हरिद्वार। उत्तराखंड के लोगों को घुसपैठिया कहे जाने संबंधी बयान पर पूर्व मुख्यमंत्री हरीश रावत ने प्रतिक्रिया दी है। हरिद्वार में हरीश रावत ने इसे उत्तराखंड राज्य गठन की मूल भावना के खिलाफ बताते हुए कहा कि राज्य में अपने कर्मक्षेत्र को चुनने वाला हर व्यक्ति यहां का नागरिक है और उसे समान अधिकार प्राप्त हैं। वहीं, लोक गायक दलेर मेहंदी के अपमान पर भी हरीश रावत ने दुख जताते हुए कहा कि उनके योगदान को देखते हुए उनका अपमान किसी भी रूप में स्वीकार नहीं है।

पूर्व मुख्यमंत्री हरीश रावत ने अखिलेश यादव के बयान पर आपत्ति जताते हुए कहा कि उत्तराखंड का गठन 9 नवंबर 2000 को हुआ था और राज्य की मूल अवधारणा सभी नागरिकों को समान अधिकार देने की है। उन्होंने कहा कि जिसने भी उत्तराखंड को अपना कर्मक्षेत्र चुना है, वह यहां का नागरिक है। इसके साथ ही हरीश रावत ने लोक गायक दलेर मेहंदी के अपमान पर दुख व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि दलेर मेहंदी ने अपने गायन से लाखों लोगों को प्रेरित किया और लोककला को नई ऊंचाइयों तक पहुंचाने में योगदान दिया है।
